मथुरा जिले के बरसाना में राधा अष्टमी पर राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया गया। इसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। इस पर्व पर परंपरा के अनुसार राधा रानी का विशेष अभिषेक किया गया।
मथुरा : पावन पर्व राधा अष्टमी पर तीर्थ नगरी बरसाना में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री राधा रानी मंदिर में आस्था और भक्ति का नजारा देखने को मिला। लाडली जी के प्रकट्य उत्सव के मौके पर देशभर से लाखों लोग बरसाना पहुंचे। पूरा बरसाना राधे-राधे के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
मंदिर परिसर भक्ति का रस
उत्सव की शुरुआत सुबह करीब चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में श्री राधा रानी के दिव्य महाभिषेक के साथ हुई। सेवायतों एवं पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ किशोरी जी का अभिषेक संपन्न किया। परंपरा के तहत इसमें विभिन्न दुर्लभ जड़ी बूटियों, केसर, दूध, दही, शहद, घृत तथा चंदन के अलावा जल और पंचामृत के कलशों से अभिषेक किया गया। महाअभिषेक के दर्शन करते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में डूब गया।
राधा रानी के जन्मोत्सव को लेकर बरसाना में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। प्रातः काल से ही राधा रानी के दर्शन के लिए मुख्य मंदिर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे।
बरसाना में बधाई गायन
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राधा अष्टमी के दिन बरसाना में लाडली जी के दर्शन करना अत्यंत फलदाई और सौभाग्यशाली माना जाता है। दिन भर चले बधाई गायन संकीर्ण और धार्मिक आयोजनों के साथ बरसाना की कुंज गलियों में जन्मोत्सव का आनंद छाया रहा।
इस वर्ष श्री राधा रानी का 5254 वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पौराणिक काल गणना और पंचांग परंपराओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को लाडली जी का जन्म उत्सव हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है।

