प्रो पांडेय के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित ग्रन्थ गांव का आदमी का विमोचन सुयोग्य शिष्यों से प्रफुल्लित होती है गुरु शिष्य पीढ़ी :प्रो के. बी. पांडेय
प्रो पांडेय ने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया: प्रो आई पी त्रिपाठी, कुलगुरु* (डॉ जय प्रकाश शुक्ल) विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रांत संघ चालक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे प्रख्यात शिक्षाविद व प्रशासक प्रो. कृष्ण बिहारी पांडे ने अच्छे गुरु शिष्य का वर्णन करते हुए कहा कि जब शिष्य अपने गुरु के पास आता है, तो गुरु की भूमिका मां के रूप में हो जाती है और वह अपने शिष्य में संतान की झलक को देखते हुए शिष्य के निष्कंटक जीवन की चिंता करना प्रारंभ कर देता है/
प्रो पांडेय ने उक्त आशय के विचार सोमवार की सांध्य बेला पर राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में एकत्रित अपने पूर्व विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश भर से आए रसायन, जैव रसायन, आयुर्वेद और प्रबंधकों को संबोधित करते हुए अपने शुभाशीष व्याख्यान में व्यक्त किया। सम्मान कार्यक्रम का आयोजन प्रो के बी पांडेय के विद्यार्थी/शोधार्थी रहे प्रो आई पी त्रिपाठी कुलगुरु शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के संयोजन में प्रो पांडेय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों द्वारा गठित प्रो के बी पांडेय सम्मान समारोह आयोजन समिति के तत्वाधान में किया गया था।
प्रो भरत मिश्रा, कुलगुरु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, प्रो अरविंद दीक्षित, लखनऊ, डॉ रमन मोहन सिंह निदेशक आयुष नोएडा, डॉ राजेंद्र सिंह सेवानिवृत अतिरिक्त निदेशक डीआरडीओ, डॉ आर एन पटेल प्राध्यापक एपीएस रीवा, डॉ अवनीश मिश्रा, सेवानिवृत प्राध्यापक लखनऊ विशिष्ट अतिथि रहे। इस मौके पर प्रो के बी पांडेय के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित सम्मान ग्रन्थ गांव का आदमी का विमोचन अतिथियों ने किया। तीन खंडों में प्रकाशित इस सम्मान ग्रन्थ के अर्चना खंड में जाने माने लोगों के संस्मरण, प्राप्त संदेश और पूर्व राज्यपाल डॉ विष्णु कांत शास्त्री और प्रो के बी पांडेय के मध्य हुए पत्राचार को स्थान दिया गया है।
इसी प्रकार सर्जना खंड में प्रो पांडेय द्वारा समय समय पर दिए गए व्याख्यान और उनके महत्वपूर्ण लेखों को समायोजित किया गया है। चित्र वीथी खंड में प्रो पांडेय से संबंधित चित्रों को स्थान दिया गया है। समारोह का सफल संचालन डॉ रविंद्र तिवारी प्रिंसिपल प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस रीवा ने किया। इस अवसर पर प्रो के बी पांडेय के अनेक विद्यार्थियों/शोधार्थियों/सहकर्मियों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
प्रो आई पी त्रिपाठी और उनकी धर्म पत्नी श्रीमती विमला त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से वैदिक विधि से अपने गुरुदेव प्रो पांडेय का चरण वंदन किया। प्रो त्रिपाठी ने कहा कि उनके गुरुदेव प्रो के बी पांडेय ने अपने पूरे सेवाकाल में सिद्धांतों और नियमों को सर्वोपरि माना है। उनके इस विशिष्ट चरित्र से सभी को सीख लेना चाहिए। संस्मरणों की श्रृंखला में प्रो भरत मिश्रा कुलगुरु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने प्रो पांडेय के सफल योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रो पांडेय का व्यक्तित्व सदैव उदारवादी रहा है।
उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अपने सेवाकाल में कुलगीत आदि का क्रिएशन कराया है। इस कार्यक्रम में डॉ वेद प्रकाश व्यास दिल्ली, डॉ एस पी गौतम पूर्व अध्यक्ष लोक सेवा आयोग मध्य प्रदेश, डॉ अतुल तिवारी प्राध्यापक रीवा, प्रो जी पी रिछारिया प्राध्यापक सतना, सुरेश बाबू सेवानिवृत वैज्ञानिक विजयवाडा, एम डी पटेल सूरत, डॉ आर डी ओझा जोधपुर, ज्ञानेश्वर तिवारी प्रयागराज, डॉ उमेश कुमार शुक्ल, डॉ जय प्रकाश शुक्ल, सहित अनेक लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर शामिल प्रो पांडेय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों तथा सहकर्मियों ने उन्हें शाल,श्री फल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित कर आत्म विभोर हुए।

