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नीदरलैंड्स की यात्रा पर जाएंगे पीएम मोदी, डच राजदूत ने बताया क्या होगा एजेंडा

   पीएम मोदी इस साल नीदरलैंड्स की यात्रा करेंगे। पीएम की यात्रा को लेकर जानकारी नीदरलैंड की राजदूत मर्सिया गेरार्ड्स ने दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं। नीदरलैंड्स में ब्रेक्सिट के बाद अब ईयू के तहत सबसे बड़ा भारतीय डायस्पोरा है।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल नीदरलैंड की यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा से भारत और नीदरलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद है। नीदरलैंड्स की राजदूत मर्सिया गेरार्ड्स ने कहा है कि इस साल पीएम मोदी नीदरलैंड्स का दौरा करेंगे। रविवार को राजदूत आवास के ट्यूलिप बगीचे में पत्रकारों से बात करते हुए एबंसेडेर ने ये जानकारी दी।

हालांकि इस दौरान उन्होंने कहा कि हालांकि उनकी इस यात्रा को लेकर तारीखें तय नहीं हुई हैं, लेकिन ये तय है कि वो इस साल नीदरलैंड्स का दौरा करेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में और गहराई आएगी।

नीदरलैंड में भारत का बड़ा डायस्पोरा

राजदूत गेरार्ड्स ने कहा कि ईयू के तहत नीदरलैंड्स में भारत का सबसे बड़ा डायस्पोरा है। 80 हजार की क्षमता वाले इस डास्यपोरा में छात्र हैं। इसमें तकनीकी प्रोफेशनल्स हैं, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का आधार हैं। इनमें से अधिकतर भारतीय 19वीं सदी में बिहार और यूपी से सूरीनाम के रास्ते नीदरलैंड्स पहुंचे। दोनों देशों रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं। हम सेमीकंडक्टर और एआई में सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा आर्थिक सुरक्षा और फ्रीमड नेविगेशन पर भी सहयोग को लेकर एक समझ बन रही है

ट्यूलिप फेस्टिवल दोनों देशों के बीच जीवंत साझेदारी

राजदूत और उनके पति पीटर कूप ने इस मौके पर कहा कि ट्यूलिप का ये उत्सव भारत और नीदरलैंड्स के बीच जीवंत साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस साल एआई इंपैक्ट समिट की वजह से ट्यूलिप महोत्सव का ये संस्करण समय पर नहीं हो पाया, लेकिन अगले साल इसे और महत्वकांक्षी तरीके से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस बात को लेकर खुशी जताई कि ये एक सालाना परंपरा बनता जा रहा है, दोनों देशों को करीब ला रहा है। इंडो-डच संबंधों की गर्माहट की वजह बन रहा है।

ट्यूलिप की एक किस्म हो भारतीय के नाम पर

एंबेसडर ने इस दौरान 1981 में आई फिल्म सिलसिला का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म में दिखाए गए ट्यूलिप्स की वजह से दोनों देश और करीब आए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ट्यूलिप की 3,000 से अधिक आधिकारिक किस्में रजिस्टर्ड हैं। साधारण एकरंगी फूलों से लेकर दुर्लभ और आकर्षक रूपों तक। लोकप्रियता के चरम पर पहुंचने के दौरान कई किस्मों को ‘एडमिरल’ और ‘जनरल’ जैसे नाम दिए गए।

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