पाकिस्तानी सेना बलूच विद्रोहियों पर कहर बनकर टूटी है. मश्केल इलाके में प्रदर्शन कर रहे बलूच विद्रोहियों पर ओपन फायर किया गया, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं. इसके बाद बलूच नेताओं को अगवा किया जा रहा है.
पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक से बदनामी झेल चुकी पाकिस्तानी सेना अब बलूच विद्रोहियों के कत्लेआम पर उतारू हो गई है. पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को ईद के मौके पर बलूचिस्तान के मश्केल में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसाईं. इसमें कई बलूच विद्रोहियों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं. मस्तुंग में बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (अवामी) के अध्यक्ष और बलूचिस्तान विधानसभा के सदस्य असदुल्लाह बलूच ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को चेतवानी दी है कि ऐसे हमलों से हम डरने वाले नहीं हैं. पाकिस्तान बलूचिस्तान पर कब्जा करने की बात भूल जाए. अगर सेना बलूचिस्तान छोड़ना चाहती है, तो हम सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार हैं. आइए जानते हैं इस घटना का लेटेस्ट अपडेट…
बलूचिस्तान के लोग सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे हैं. लिख रहे हैं कि पाकिस्तानी की कायरता उजागर! रात के अंधेरे में कुछ मिनटों के लिए बाहर जाकर फोटो और वीडियो लेना और फिर कब्जे के झूठे दावे करना, यही इन तत्वों की हकीकत है! बलूच सेनानियों के डर से दिन में बाहर निकलने की हिम्मत न करें!
पाकिस्तानी सेना ने बलूच यकजेहती समिति के सदस्य सिबगतुल्लाह शाह को क्वेटा में उनके घर से उठा लिया है. वह लापता हैं. उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है. बीवाईसी ने एक्स पर एक बयान में कहा, राज्य सरकार की एक और क्रूरता, पाकिस्तानी सेना ने हमारी केंद्रीय समिति के नेता को सैटेलाइट टाउन में उनके घर से अगवा कर लिया है. फिर भी यह आंदोलन नहीं थमेगा.
पाकिस्तान सरकार ने पूरे बलूचिस्तान धारा 144 लागू कर दी है. अब इस इलाके से कोई गुजर नहीं सकता. यानी सिर्फ बलूचिस्तान के लोग ही वहां रह जाएंगे. माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है. इस वजह से ऐसा किया गया है. क्वेटा में प्रशासन ने हन्ना ओराक, कारखासा और शाबान सहित लोकप्रिय स्थानों पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इतना ही नहीं, लोगों से इन इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.
ईद के बलूच नेता महरंग बलूच और अन्य बलूच विद्रोहियों की गिरफ्तारी के खिलाफ कराची, ज़हादान, सरावन, चाबहार, महरेस्तान, सरबाज़ समेत कई शहरों में रैली निकाली गई. इसमें हजारों लोग शामिल हुए. पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्स इसे लेकर काफी नाराज है. उसे लग रहा है कि उसे सीधी चुनौती दी जा रही है. इसलिए इसका बदला मश्केल में लिया. प्रदर्शनकारियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई.