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राष्ट्रोत्थान के लिये अनामिक हो सदैव काम करते थे मधुभाई : स्वांतरंजन जी

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख माधव विनायक उपाख्य मधुभाई कुलकर्णी की श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न।
लखनऊ! राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं पूर्व अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख माधव विनायक उपाख्य मधु भाई कुलकर्णी जी की श्रद्धांजलि सभा सरस्वती शिशु मंदिर निराला नगर लखनऊ में आयोजित हुई।
          मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पालक स्वांतरंजन जी ने कहा कि, राष्ट्रोत्थान के लिये अनामिक हो सदैव काम करते थे मधुभाई। देश के लिये काम करने की उनमें एक अलग प्रकार की क्षमता थी ।
स्वांत जी ने आगे कहा कि,  परम पूजनीय डॉक्टर साहब ने ऐसा अनोखा संगठन खड़ा किया, जिसमें लाखों अनमोल हीरे जड़ित हैं। उन्होंने कहा था कि, ‘निश्चित रूप से संघ का कार्य आगे बढ़ेगा क्योंकि हमें देव दुर्लभ कार्यकर्ताओं की एक टीम मिली है। ऐसे कार्यकर्ता जिनके मन में धुन सवार थी कि देश के लिए हमें बहुत कार्य करना है। उन्हें किसी भवन का कांगुरा नहीं बनना था बल्कि उनमें तो नींव का पत्थर बनने की इच्छा है। अपने नाम, यश की इच्छा किए बिना संघ के लिये जीवन लगाने वाले उन्हीं कार्यकर्ताओं में से एक मधु भाई कुलकर्णी थे।
उन्होंने कहा कि, मधु भाई गुजरात के प्रांत प्रचारक तथा क्षेत्र प्रचारक थे। उन्होंने गुजरात के कमजोर सांगठनिक काम को बहुत सुदृढ़ किया था। वे बोलते बहुत कम थे, इसलिए उनसे डर लगता था लेकिन नजदीकी होने पर उनके कोमल हृदय का पता सहज ही लग जाता था। उनका जीवन बिल्कुल नारियल के जैसे बाहर से तो कठोर लेकिन अंदर से बहुत कोमल थे। उनके पास जाने से नई बातें सीखने को मिलती थी। अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख रहते हुए वह प्रचारकों को गीत तैयार करवाते थे तथा उनकी रुचि के अनुसार काम देते थे। यह उनका सहज स्वभाव था और काम बताकर भूल ही नहीं जाते थे, बल्कि उसका अनुवर्तन भी समय पर करते थे।
मधुभाई के लखनऊ में रहने के समय का स्मरण करते हुए अखिल भारतीय प्रचारक  प्रमुख जी ने रहा कि,  लखनऊ केंद्र होने पर मधुभाई कार्यकर्ताओं का निर्माण अपने जीवन आचरण से करते थे। वे बहुत ही अध्ययनशील थे। उन्होंने संघ को समझने के लिए एक छोटी सी पुस्तिका “अथातो संघ जिज्ञासा” लिखी और उसका नया संस्करण प्रयास करके अभी कुछ महीने पहले ही लोकहित प्रकाशन लखनऊ से छपवाया था। हर शरीर की एक सीमा है, एक धर्म है और एक आयु है; इसका सातत्य सम्भव नहीं है। अब मधुभाई शरीर से हमारे सामने नहीं हैं लेकिन उनके विचारों का प्रवाह हम सब में सदा ही चलता रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रांत के सह प्रांत संघचालक सुनीत खरे जी ने कहा कि,  मधु भाई का लखनऊ केंद्र होने से मेरा अच्छे से परिचय हुआ था। वैसे तो अखिल भारतीय अधिकारी होने के नाते मैं पहले से जानता था। उन्हें संविधान का बहुत अच्छा अध्ययन था। वे राम मंदिर प्रकरण के संवैधानिक विषयों पर खूब चर्चा करते थे। पूजनीय डॉक्टर साहब जी पर केंद्रित उनके बौद्धिक को सुनने से लगता था कि हम सभी प्रत्यक्ष डॉक्टर साहब के जीवन को अपनी आंखों से देख रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, प्रांत प्रचारक कौशल जी ने भी मधुभाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
    इस श्रद्धांजलि सभा में अवध के सह प्रांत प्रचारक संजय जी, क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष जी, वरिष्ठ प्रचारक अशोक केडिया जी, सह प्रांत कार्यवाह डॉ अविनाश वर्मा जी एवं संजय सिंह जी, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ अशोक दुबे जी,  साहित्य परिषद के राष्ट्रीय मंत्री पवनपुत्र बादल जी, विधायक साकेंद्र वर्मा जी, प्रांत के प्रचारक प्रमुख यशोदानंद जी, विभाग प्रचारक अनिल जी आदि समेत संघ के स्वयंसेवक इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।।
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