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जस्टिस पारदीवाला के वो आदेश जिसने सुप्रीम कोर्ट को असमंजस में डाला, CJI को करना पड़ा हस्तक्षेप

नई दिल्ली: जस्टिस जेबी पारदीवाला की ओर से एक महीने से भी कम समय में पारित तीन फैसलों ने सुप्रीम कोर्ट को असमजंस में डाल दिया, जिसके चलते प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई को इन मामलों में हस्तक्षेप करना पड़ा है।

पहला मामला : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के खिलाफ टिप्पणियां

दूसरा मामला : आवारा कुत्तों से संबंधित आदेश

तीसरा मामला : हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिकी असंतुलन
न्यायमूर्ति पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने 28 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिकी असंतुलन की ओर ध्यान दिलाया था और आगाह किया था कि अगर स्थिति में बदलाव नहीं आया, तो पूरा राज्य ‘विलुप्त हो सकता है।’ पीठ ने कहा था, ‘हम राज्य सरकार और भारत संघ को यह समझाना चाहते हैं कि राजस्व अर्जित करना ही सब कुछ नहीं है। पर्यावरण और पारिस्थितिकी की कीमत पर राजस्व अर्जित नहीं किया जा सकता।

उसने कहा था, अगर चीजें आज की तरह चलती रहीं, तो वह दिन दूर नहीं, जब पूरा हिमाचल प्रदेश देश के नक्शे से गायब हो जाएगा। भगवान न करे कि ऐसा हो।’
यह मामला भी न्यायमूर्ति पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ से वापस लेकर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ को सौंप दिया गया है।

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