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यूपी के जौनपुर जिले में 50 करोड़ की लागत से निर्मित 1734 शौचालय में से 222 पर लटक रहे ताले

जौनपुर। धिकारियों-कर्मचारियों की सुस्ती से सरकार का बहुचर्चित स्वच्छ भारत मिशन हकीकत में दिखावा साबित हो रहा है। सामुदायिक शौचालयों के नाम पर करोड़ों खर्च कर दिए गए। जिले के 21 ब्लाॅकों में 1734 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण करीब 50 करोड़ की लागत से कराए गए, जिनमें से 222 शौचालयों पर ताले लटक रहे हैं। प्रत्येक शौचालय की देखरेख के लिए 12 हजार रुपये महीना दिया है, जिसमें काफी ग्राम पंचायतों में खेल किया जाता है।

बदलापुर ब्लॉक के स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौचमुक्त करने का संकल्प लेकर सरकार ने चार वर्ष पूर्व 95 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाए थे, किंतु इनमें से करीब 28 में ताला लटका रहता है। इनका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। बदलापुर विकास खंड के भटेहरा ग्राम पंचायत के मदापुर गांव में बना सामुदायिक शौचालय है। जो बनने के बाद आज तक बंद है। बगल के रामकुमार ने बताया कि यह शौचालय कभी नहीं खुलता। मदापुर गांव में पंचायत भवन के पास तीन लाख की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया था। किंतु बनने के बाद आज तक वह उपयोग में नहीं है।

केराकत ब्लॉक के 71 गांवों में शौचालय बने हैं, जिनमें अमहित, सुल्तानपुर, छितौना, पचवर, झमाका अकबरपुर समेत 22 गांवों के शौचालय संस्था को हैंडओवर नहीं होने से संचालित नहीं हो रहे हैं। मुफ्तीगंज ब्लॉक में 52 सामुदायिक शौचालयों में से एकौनी, मुर्की, सूरतपुर, गद्दीपुर, घुरहूपुर, शुचितपुर गांव समेत कुल 17 शौचालय बंद पड़े हैं। जलालपुर ब्लॉक में 59 शौचालय में से 52 संचालित होते हैं और सात का निर्माण अधूरा है। जबकि अनुपयोगी 16 है।

रामनगर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत शिवपुर में बना सार्वजनिक शौचालय हमेशा बंद रहता है। वहीं मड़ियाहूं विकास खंड के ग्राम पंचायत राजापुर प्रथम में स्थित शौचालय बदहाल मिला। गांव के महादेव पटेल ने बताया कि शौचालय के रखरखाव का पैसा निकाला जा रहा है लेकिन शौचालय चल नहीं रहा है। मड़ियाहूं ब्लॉक में 99 में से 17, बरसठी में 88 में 14, रामनगर में 98 में 13 व रामपुर के 98 में 11 सार्वजनिक शौचालय बंद हैं। ग्रामीणों ने इन शौचालयों की नियमित सफाई, देखरेख और संचालन की मांग की है। खेतासराय : शाहगंज सोंधी ब्लॉक में 113 शौचालयों में से 14 में ताला लटकता मिला।

इनमें से प्रमुख रूप से जैगहां सामुदायिक शौचालय का मुख्य द्वार तो खुला रहता है लेकिन अंदर बंद रहता है। ऐसी ही स्थिति अन्य ब्लाॅकों में देखने को मिल रही है। महराजगंज ब्लॉक की 89 ग्राम पंचायतों में से 9 गांवों के शौचालय अधूरे हैं। इनमें अमारी, गद्दोपुर, भगवानपुर समेत अन्य गांवों में निर्माण पूरा नहीं है। सुइथाकलां ब्लाक की 79 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। इनमें जंगीपुर, कटघर, बुमकहां आदि में काम अधूरा होने से शौचालय बंद हैं।

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