रेस्टोरेंट में जो खाना 320 रुपये का, वो Zomato पर 655 का कैसे? महिला ने कंपनी से पूछा सवाल तो….
Arun Singh
फूड डिलीवरी ऐप से ऑर्डर करना हमारी जीवन का हिस्सा बन रहा है। लेकिन इसकी हमें एक्स्ट्रा कीमत भी चुकानी पड़ रही है। यह बहस फिर से ताजा हो गई, जब एक महिला ने रेस्टोरेंट और जोमैटो के बिल के बीच कीमतों का डबल अंतर देखा। हालांकि, जोमैटो ने मामले पर जवाब भी दिया और बताया कि कीमतें कौन तय करता है।
यह खबर पढ़ने के बाद अगली बार Order Now बटन दबाने से पहले आपका हाथ जरूर कांपेगा! हम सब जानते हैं कि ऑनलाइन खाना थोड़ा महंगा होता है, लेकिन ‘थोड़ा महंगा’ और ‘दिनदहाड़े लूट’ में फर्क होता है।
X पर एक पोस्ट चर्चा में है, जिसने ऑनलाइन फूड डिलीवरी की पोल खोलकर रख दी है! मामला ऐसा है कि जो खाना रेस्टोरेंट में जाकर खाने पर 320 रुपये का है, वही खाना Zomato पर 655 रुपये का दिखाया जा रहा है। यानी सीधे दुगने से भी ज्यादा दाम!
320 का बिल vs 655 का बिल
X पर यूजर @NalinisKitchen ने 10 जनवरी को एक तस्वीर पोस्ट की, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। तस्वीर में एक तरफ रेस्टोरेंट का 9 जनवरी 2026 का ओरिजिनल टेकअवे बिल है और दूसरी तरफ वही ऑर्डर जोमैटो ऐप पर दिखाया गया है।
जोमैटो ने कहा- रेस्टोरेंट तय करते हैं कीमतें!
रेस्टोरेंट का नाम Trishiv Chinese Corner है। बिल में साफ लिखा है- Chinese Bhel Full: 160 और Veg Manchurian Full: 160, जिसका टोटल बना 320 रुपये। लेकिन जब यही ऑर्डर जोमैटो ऐप पर डाला गया, तो कहानी पलट गई। ऐप पर दोनों डिशेज की कीमत लगभग दोगुनी दिखी और डिस्काउंट लगाने के बाद भी यूजर को 550 रुपये से ज्यादा दिखाने लगा। यानी रेस्टोरेंट 320 रुपये ले रहा है, ऐप 655 रुपये दिखा रहा है।
@NalinisKitchen ने जोमैटो को टैग करते हुए लिखा कि यह प्राइस डिफरेंस Absolutely insane है और ग्राहकों से खुलेआम ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। उनका सवाल सीधा था- अगर खाना वही है, रेस्टोरेंट वही है, तो दाम दोगुना कैसे?
इस मामले पर Zomato Care ने कहा जवाब दिया- हाय नलिनी, हमारे प्लेटफॉर्म पर कीमतें पूरी तरह से रेस्टोरेंट पार्टनर तय करते हैं। हम तो बस एक जरिया (Intermediary) हैं। हम आपकी शिकायत उन तक पहुंचा देंगे। अगर आपके कोई और सवाल हों तो बेझिझक हमसे संपर्क करें। हम आपकी मदद के लिए हमेशा मौजूद हैं। इसके बाद यूजर ने पूछा- जोमैटो हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से कितना कमीशन लेता है? हालांकि, इस सवाल पर जोमैटो की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
इस मामले पर यूजर्स ने कहा कि भाई, आलस छोड़ो। अगर रेस्टोरेंट घर के पास है, तो खुद जाकर ले आओ या सीधे रेस्टोरेंट को कॉल करके ऑर्डर कर लो। ये ऐप्स सुविधा के नाम पर जो ‘कन्वीनिएंस फीस’ और बढ़े हुए दाम वसूल रहे हैं, उसमें तो आप दो बार पेट भरकर खाना खा लेंगे। यह फोटो सबूत है कि आपकी ‘सुविधा’ की कीमत आपकी ‘जेब’ काटकर चुकाई जा रही है।