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सांसदों से वसूला जाए खर्च, सदन नहीं चला तो सैलरी क्यों? किस MP ने जताई नाराजगी

   संसद के मॉनसून सत्र में हंगामे के कारण कामकाज बाधित रहा, जिससे नाराज निर्दलीय सांसद उमेशभाई बाबुभाई पटेल ने सांसदों के वेतन में कटौती की मांग की। उन्होंने सदन में कामकाज न होने से बर्बाद हुए पैसे को सांसदों की सैलरी से वसूलने की बात कही।

    नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र हंगामे से भरा रहा। लोकसभा में कामकाज के लिए 120 घंटे तय थे, लेकिन सिर्फ 37 घंटे ही काम हो पाया। इससे नाराज दमन दीव के निर्दलीय सांसद उमेशभाई बाबुभाई पटेल ने सांसदों के वेतन में कटौती की मांग करते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सदन में कामकाज न होने की वजह से जो पैसा बर्बाद हुआ, उसे सांसदों की सैलरी से वसूला जाना चाहिए।

उमेश पटेल ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से देश की जनता से माफी मांगने की अपील की। उन्होंने सदन में पूरे सत्र में हुए गतिरोध के खिलाफ यह प्रदर्शन किया।लोकसभा में 14 बिल पेश किए गए, जिनमें से 12 पास हुए। ज्यादातर विधेयक बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए क्योंकि सदन में हंगामा हो रहा था। एक विधेयक को सलेक्ट कमेटी और एक को जेपीसी को भेजा गया।

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