पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ‘छात्रवृत्ति योजना का सफल क्रियान्वयन’ विषयक कार्यशाला संपन्न
जौनपुर – वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर एवं जिला समाज कल्याण विभाग, जौनपुर के संयुक्त तत्वावधान में आर्यभट्ट सभागार में ‘छात्रवृत्ति योजना का सफल क्रियान्वयन’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। शासन की मंशा है कि किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को जानकारी के अभाव अथवा प्रक्रिया संबंधी कठिनाई के कारण योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस कार्य में विद्यार्थियों एवं संस्थानों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे प्रदेश में जौनपुर छात्रवृत्ति के वितरण में द्वितीय स्थान पर है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने स्वागत संबोधन में कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोलने का सशक्त माध्यम हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि शासन की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचे। उन्होंने प्रत्येक शिक्षण संस्थान में ‘छात्रवृत्ति पटल’ स्थापित किए जाने का सुझाव दिया, ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से संबंधित सभी जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें और आवेदन प्रक्रिया अधिक सुगम बने।
जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी नरेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में विभागों एवं शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी एवं महत्वपूर्ण तिथियों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला का उद्देश्य छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का समाधान करते हुए पात्र विद्यार्थियों को समय से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान विभिन्न महाविद्यालय के प्राचार्यगण, प्रबंधकगण एवं कर्मचारियों के द्वारा छात्रवृत्ति से संबंधित विभिन्न प्रश्न भी उठाए गए, जिनका समाज कल्याण अधिकारी ने समाधान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नितेश जायसवाल ने कुशलतापूर्वक किया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी, उपकुलसचिव अजीत प्रताप सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष तथा जनपद के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों तथा महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों ने छात्रवृत्ति आवेदन, सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, आय प्रमाण-पत्र, बैंक खाते तथा छात्रवृत्ति पोर्टल से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक प्रश्न उठाए। जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन, जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी नरेंद्र कुमार विश्वकर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल एवं संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
अधिकारियों ने बताया कि आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा विद्यार्थियों के दस्तावेजों एवं विवरणों को सही रूप में पोर्टल पर दर्ज करने से छात्रवृत्ति वितरण में आने वाली अनावश्यक कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है। प्रश्नोत्तर सत्र में अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के बीच उपयोगी संवाद हुआ, जिससे छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक स्पष्टता बनी।