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ब्रेनवॉश का गंदा खेल! पूजा की जगह नमाज, नाम बदलकर निकाह की तैयारी

  आगरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पुलिस ने धर्मांतरण के जाल में फंसी दो बहनों को बचाया है। अमीना नाम की एक युवती ने अपनी छोटी बहन का ब्रेनवॉश कर उसे भी इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया। दोनों कोलकाता में धर्म का प्रचार कर रही थीं।

आगरा: अवैध धर्मांतरण के जाल में फंसी 33 साल की युवती एमफिल की परीक्षा पास कर चुकी थी। सदर थाना क्षेत्र के कोलक्खा की रहने वाली ये युवती साल 2021 में घर से गायब हो गई थी। वापस लौटी तो वह अमीना बन चुकी थी। मार्च 2025 में अपने साथ 18 साल की छोटी बहन को ले गई। उसका नाम बदलकर जोया रख दिया। दोनों बहनें कोलकाता में इस्लाम धर्म का प्रचार कर रही थीं। दोनों बहनों के निकाह की तैयारियां चल रही थीं। आगरा पुलिस ने दोनों युवतियों को सुरक्षित बचा लिया है। हालांकि इसमें तीन महीने का समय लग गया।

सदर थाना क्षेत्र के पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखने वाली 33 साल की युवती (अमीना) की मुलाकात जम्मू कश्मीर की साइमा उर्फ खुशबू से हुई थी। साइमा लाइफ साइंस की पढ़ाई करने के लिए आगरा आई थी। दोनों की दोस्ती हो गई। इस बीच साइमा ने पंजाबी युवती का ब्रेनवॉश किया और 2021 में जम्मू कश्मीर ले गई। श्रीनगर जाते समय लैंड स्लाइड हो गई। पुलिस ने उसे ऊधमपुर में ट्रैक किया और आगरा ले आई।

घर में पढ़ती थी नमाज
जानकारी के अनुसार 33 साल की युवती अपने घर में पूजा पाठ का विरोध करने लगी। घर में लगे भगवान और देवी देवताओं के चित्रों को हटाने लगी। इस्लाम के बारे में बातें करने लगी। युवती के घर के सामने एक मस्जिद बनी है। जहां सुबह की अजान होते ही वह उठ जाती थी और नमाज पढऩे लगती थी। ये सब देखकर परिजन बेहद घबरा गए थे। घर पर डाक से इस्लाम और उससे संबंधित किताबें आने लगी थीं। पुलिस को परिजनों ने बताया कि विशेषज्ञों से उसकी काउंसलिंग कराई गई, लेकिन फिर भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया।

छोटी बहन का किया ब्रेनवॉश
अमीना बन चुकी 33 साल की इस युवती ने घर में रहते हुए अपनी 18 साल की छोटी बहन का ब्रेनवॉश किया। उसे अच्छी लाइफ स्टाइल और पैसे का लालच देकर अपनी बातों में फंसा लिया। मार्च 2025 में वह उसे अपने साथ ले गई। परिजन जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी। दोनों युवतियां अपने संपर्क के साधन और मोबाइल फोन घर छोड़ गई थीं। तीसरे नंबर की छोटी बहन ने सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी दी।

4000 रुपये लेकर निकली थीं
दोनों बहनें घर से 4000 रुपये और प्रमाण पत्रों को साथ लेकर निकल गई थीं। किसी को कोई संपर्क ना हो सके। इसलिए अपने मोबाइल और कांटेक्ट को छोड़ गई थीं। परिजनों ने मार्च 2025 में थाना सदर में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन थाना पुलिस और एसीपी ऑफिस के चक्कर काट रहे थे। इसके बाद गुमशुदगी अपहरण में तरमीम हो गई।

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