भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं इस महीने से शुरू हो जाएंगी। ये जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय ने साझा की है। इस फैसले से भारत और चीन के बीच यात्रा आसान होगी और दोनों देशों के व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक संपर्कों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत और चीन इस महीने के अंत तक आपसी डायरेक्ट फ्लाइट सेवाएँ फिर से शुरू करने वाले हैं। यह जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को दी। कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इसके बाद ये सेवाएं पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के कारण भी बहाल नहीं की गई थीं। अब दोनों देशों ने सहमति जताई है कि भारत और चीन के कुछ निर्धारित शहरों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं अक्तूबर के अंत तक फिर से शुरू हो सकती हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से एयरलाइनों के व्यावसायिक फैसले और सभी तकनीकी व संचालन संबंधी मानदंडों को पूरा करने पर निर्भर करेगा।
हवाई सेवा समझौता पर नए सिरे से होगी बातचीत- MEA
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस साल की शुरुआत से ही दोनों देशों के नागरिक उड्डयन विभाग तकनीकी स्तर पर इस पर चर्चा कर रहे थे। इसमें सीधी उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के साथ-साथ एयर सर्विसेज एग्रीमेंट (हवाई सेवा समझौता) को नए सिरे से तय करने पर भी बात हुई है।
दोनों देशों के बीच बढ़ेगा संपर्क
इन चर्चाओं के बाद तय हुआ है कि भारत और चीन के कुछ निश्चित शहरों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट सेवाएं फिर से चल सकती हैं। यह फ्लाइट संचालन एयरलाइनों के व्यावसायिक फैसले और सभी तकनीकी नियमों के पूरा होने पर निर्भर करेगा। इस फैसले से भारत और चीन के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा और दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सामान्यता लौटाने में मदद मिलेगी।
26 अक्तूबर से इंडिगो शुरू करेगी उड़ान सेवा
इसी कड़ी में भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 26 अक्तूबर 2025 से कोलकाता और ग्वांगझोउ (चीन) के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप फ्लाइट शुरू करेगी। नियामक अनुमति मिलने पर, इंडिगो दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच भी सीधी उड़ान शुरू करेगी। ये उड़ान एयरबस ए320नियो विमान से संचालित होंगी।

