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वेनेजुएला मामले पर अमेरिका ने गलत किया ?

वेनेजुएला मामले पर एक पहलू की बात तो सब लोग कर रहे हैं कि अमेरिका ने गलत किया जी हां अमेरिका ने बिल्कुल गलत किया लेकिन वेनेजुएला के घटनाक्रम को भी जानना जरूरी है वेनेजुएला लैटिन अमेरिका में सबसे तेजी से तरक्की करता हुआ देश था दुनिया को सबसे ज्यादा मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स वेनेजुएला ने दिए यहां के समुद्र तटों पर सैलानियों की भीड़ रहती थी वेनेजुएला की जीडीपी दुनिया के टॉप 10 जीडीपी में थी लोगों का सपना होता था कि वेनेजुएला में जाकर नौकरी करना वहां रहना !

Arun Singh(Editor)

फिर वहां एक राहुल गांधी की तरह सोच का एक नेता हुआ जिसका नाम था ह्युगो सावेज उसने वेनेजुएला के लोगों को भड़काना शुरू किया यह उद्योगपति देश को लूट रहे हैं ठीक ऐसे ही जैसे राहुल गांधी अंबानी और अडानी का नाम लेकर भारतीयों को भड़कते हैं तो ह्युगो सावेज ने भी वेनेजुएला के बड़े आठ तेल कंपनियों के मालिकों का नाम लेकर अपने देश के लोगों को भड़काना शुरू किया !

यह सभी तेल के कुएं इनको ही क्यों दिए जा रहे हैं धीरे-धीरे वेनेजुएला के लोगों के अंदर यह सोच आ गई कि हमारी सरकार खराब है ये ह्युगो सावेज बड़ा अच्छा आदमी है क्योंकि ह्युगो सावेज बार-बार कहता था कि वेनेजुएला के पास इतना तेल है कि हम यदि तेल का निर्यात कम करके अपने ही देश में बेचे तो हम आधे सेंट प्रति लीटर तेल बेच सकते हैं और तेल की कमाई से हम हर परिवार को 10000 बोलिवर (वेनेजुएला की करेंसी) महीना तक दे सकते हैं वेनेजुएला के लोग बड़े खुश हो गए की यार अगर ह्युगो सावेज सत्ता में आएगा तो बैठे-बैठे 10000 बोलिवर हर महीने आएंगे !

ठीक वही पैटर्न जो राहुल गांधी कहते थे याद है ना डेढ़ लाख रुपए हर साल खटाखट खटाखट खटाखट फिर वेनेजुएला के लोगों ने ह्युगो सावेज को चुन लिया सावेज राष्ट्रपति बन गया वह कम्युनिस्ट विचारधारा का था शुरू में खूब सब्सिडी लागू किया प्राइवेट कंपनियों को सरकारी बना दिया उद्योगपति वेनेजुएला छोड़कर चले गए उसके बाद उसने देश की जनता को खुश करने के लिए जनता को पैसे देना शुरू कर दिया फिर घर बैठे पैसा मिलने पर वेनेजुएला के लोगों ने काम करना बंद कर दिया जैसे आज मुफ्त राशन की वजह से गांव में मजदूर मिलने है मुश्किल हो गए हैं वही हालत वेनेजुएला में हुआ !

फिर जब देश की जीडीपी गिरने लगी मुद्रा कमजोर होने लगी निर्यात कम होने लगा तब मुद्रा स्फीति तेजी से बड़ी फिर आपको याद होगा राहुल गांधी ने एक बार कहा था कि हम ज्यादा करेंसी नोट छाप कर और उसे देश के लोगों में बांटकर भारत को अमीर बना सकते हैं ठीक यही बात एक बार रवीश कुमार ने भी कहा था ठीक वही ह्यूगो सावेज ने किया कभी-कभी मुझे लगता है कि राहुल गांधी और ह्युगो सावेज किसी जन्म में कोई रिश्ता था क्योंकि दोनों की सोच बिल्कुल समान है धीरे-धीरे वेनेजुएला की हालत ऐसी हो गई कि वहां 50 करोड़ बोलिवर के करेंसी नोट जारी करने पड़े फिर 10 अरब बोलिवर के करेंसी नोट क्योंकि लोगों को एक ब्रेड खरीदने के लिए जाने के लिए दो बोरों में पैसे भरकर लेकर जाने पड़ते थे सड़कों पर करेंसी नोट यूं ही बिखरे रहते थे !

सफाई कर्मी ट्रकों में लाद कर ले जाते थे क्योंकि नोट छापना यह गरीबी मिटाने का हल नहीं है यह केवल ह्युगो सावेज रवीश कुमार और राहुल गांधी ही सोच सकते हैं नोट तो एक कागज का टुकड़ा होता है उसके बाद सावेज दुनिया भर के देशों से दुश्मनी लेना शुरू कर दिए तेल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा देश में धीरे-धीरे सारी फैक्ट्रियां बंद हो गई बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई सब कुछ बर्बाद हो गया आज 80% वेनेज़ुएला के नागरिक कोलंबिया अर्जेंटीना या ब्राजील में शरणार्थी बनकर रहते हैं और सबसे बड़ा दुख की बात यह की तानाशाह सावेज मरने के पहले अपना उत्तराधिकारी तय करके गया और वह उत्तराधिकारी था !

निकोलस मदुरई ठीक ऐसे ही जैसे नेहरू इंदिरा को तय करके गए इंदिरा राजीव को तय करके गई राजीव राहुल गांधी को तय करके गए यानी योग्यता नहीं बस एक खानदान में पैदा होना ही सत्ता चलाने की सबसे बड़ी योग्यता बन जाती है तो देश बर्बाद होता है और वह मदुरो ह्युगो सावेज का भी बाप निकला उसने भी देश में खूब अव्यवस्था फैलाई भ्रष्टाचार चरम पर फैल गया लोग दाने-दाने को मोहताज थे ब्रेड खरीदने के लिए पांच-पांच घंटे की लाइन लगती थी !

जो मदुरै खुद को कम्युनिस्ट कहता था तो उसने चर्च जाना शुरू किया ताकि वह देश की जनता को धर्म के नाम पर बरगला सके जैसे ठीक राहुल गांधी करते हैं जिंदगी भर हिंदुओं से नफरत और घृणा करते हैं चुनाव आने के समय में मंदिर मंदिर का भ्रमण करते हैं ठीक यही काम मदुरै ने किया हर रोज चर्च जाता था वहां उसका मीडिया उसे वीडियो को वायरल करता था लेकिन देश की भूखी जनता को यह और पसंद नहीं आया फिर उसने देश में कभी चुनाव होने ही नहीं दिया चुनाव की घोषणा करता था !

विपक्ष के लोगों को चुनाव लड़ने नहीं देता था और खुद को राष्ट्रपति घोषित कर देता था जाहिर सी बात है अगर अमेरिका की गलती है कि वह एक देश में घुसकर राष्ट्रपति को अगवा किया तो उसे मदुरई की भी गलती है कि उसने अपने देश को इस कदर बर्बाद किया अपने लोगों को इस कदर बर्बाद किया कि उसके देश की 80% जनता विदेश में दर-दर की ठोकरे खाने पर मजबूर हो गई है उम्मीद है वेनेजुएला में चुनाव होंगे देश की जनता जिसे अपना राष्ट्रपति चुनेगी वह राष्ट्रपति बनेगा और वेनेजुएला फिर पहले की तरह तरक्की करेगा लेकिन आप लोग याद रखिएगा राहुल गांधी जैसी सोच वाला व्यक्ति अगर भारत की सत्ता में आया तो भारत भी वेनेजुएला बन जाएगा

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