बीते 15 दिनों से कई चरणों में आए आंधी पानी और ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश के दो तिहाई जिलों में फसलों को चौपट कर दिया है। प्रदेश में अभी गेंहूं की 40 फीसदी फसल की ही कटाई हो पाई थी जबकि खेतों में खड़ी 60 फीसदी फसल का अधिकांश हिस्सा बरबाद हो गया है।
बीते 15 दिनों से कई चरणों में आए आंधी पानी और ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश के दो तिहाई जिलों में फसलों को चौपट कर दिया है। प्रदेश में अभी गेंहूं की 40 फीसदी फसल की ही कटाई हो पाई थी जबकि खेतों में खड़ी 60 फीसदी फसल का अधिकांश हिस्सा बरबाद हो गया है।
बीते सप्ताह दो दिन चली तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि ने बुंदेलखंड के कई जिलों व मध्य उत्तर प्रदेश में फसलों का सबसे ज्यादा नुकसान किया है। बुंदेलखंड के ललितपुर, जालौन और झांसी में ओलावृष्टि से गेंहूं, सरसो, चने की फसल चौपट हो गयी है। आलू की पछैती फसल बोने वालों किसानों पर भी बारिश कहर बन कर टूटी है। खोदाई से बच गया आलू खेतों में ही काला पड़ गया है।
43 जिलों में नुकसान
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के 43 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर जिले में बीते सप्ताह शुक्रवार व शनिवार को चली तेज हवाओं और बारिश से गेंहू की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हजारों बीघे गेंहूं की फसल खेतों में गिरकर पानी मे डूब गई है।
अधिकारियों का कहना है कि मार्च के आखिर हफ्ते में भी आंधी-पानी से गेंहूं की तैयार फसल लेट गई थी जिसे किसानों ने पलटा था। अब एक बार फिर से मौसम के कहर ने फसल को पूरी तरह के बरबाद कर दिया है। उनका कहना है कि बारिश के बाद गेंहूं के दाने काले पड़ गए हैं जिनका दाम मिलना मुश्किल है।
आम की फसल पर भी असर
आंधी-पानी का असर आम की फसल पर भी पड़ा है। फल पट्टी क्षेत्र मलिहाबाद-काकोरी में आम के फल टूट गए हैं और करीब 40 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। सब्जी की फसल को भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी आंधी-पानी के आसार हैं। मंगलवार से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है जिसके चलते तेज हवा के साथ बारिश व ओले गिरेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिलों से मंगाई रिपोर्ट
उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को फिर हुई असमय बारिश से किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में यह प्रयास करें कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व चोटिलों को 24 घंटे में दिया जाए मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें।
अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम के कारण किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं। राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि निरंतर बारिश से भी किसानों की फसल प्रभावित हो रही है, इससे नुकसान होने वाली फसल का मुआवजा दिलाया जा रहा है।

