चित्रकूट,11 जनवरी 2026। विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में विश्व हिंदी सचिवालय, फेनिक्स (मॉरीशस ) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो ललित कुमार सिंह ने हिंदी की महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हिंदी शिक्षण में तकनीक और परंपरा का समन्वय आवश्यक है।
आज जब दुनिया एक ग्लोबल विलेज है तो निश्चित तौर पर हिंदी उसे ग्लोबल विलेज की एक भाषा के रूप में अपना स्थान प्राप्त कर सकती है। इसके लिए आवश्यक है कि हिंदी शिक्षण में हम तकनीक और परंपरा का समन्वय रखें। अगर केवल तकनीक की ओर जाएंगे तो उसमें मानवीय पक्ष समाप्त हो जाएगा। अगर केवल परंपरा को अपनाएंगे तो आज की दुनिया से पीछे चले जाएंगे। इस स्थिति में दोनों के समन्वय से ही हिंदी शिक्षण की पद्धति अपनानी होगी।

