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ईसाईकरण : 20 रुपये देकर प्रार्थना में बुलाते, पानी में घोलकर देते थे दवा! ठीक होने पर कहते- धर्म परिवर्तन करो

   उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन के आरोप में पादरी दंपती सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में धर्म परिवर्तन से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां लोगों को पहले बीमार किया जाता था, फिर सही इलाज कर उसे चमत्कार बताया जाता। इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। इस मामले में चर्च के पादरी, उनकी पत्नी समेत 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सभी पर आरोप है कि वे प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि लोगों को चर्च की प्रार्थना सभा में बुलाने के लिए 20 रुपये तक दिए जाते थे। आस-पास के गांवों के गरीब, बीमार और जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से रविवार की सभा में बुलाया जाता था, ताकि उनकी संख्या अधिक दिखाई जा सके। आरोप है कि प्रार्थना के दौरान लोगों को पानी में घोलकर दवा जैसी कोई चीज पिलाई जाती थी। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत में सुधार होता था तो इसे ईसाई धर्म का चमत्कार बताया जाता था। इसके बाद लोगों को समझाया जाता था कि धर्म परिवर्तन करने से उनके जीवन की सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।

शिकायत के बाद खुला मामला

कुरकुठिया गांव निवासी आनंद कुमार दुबे ने 15 दिसंबर की रात देहात कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खरहरा गांव स्थित चर्च में उन्हें प्रार्थना के बहाने बुलाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वहां पवित्र जल से स्नान कराकर मतांतरण कराने और धन-संपत्ति मिलने का भरोसा दिलाया जा रहा था। जब जबरन ले जाने की कोशिश हुई तो वह वहां से निकल आए।

पुलिस के अनुसार, गाजीपुर जिले के रेवतीपुर थाना क्षेत्र के तिलवां गांव निवासी पादरी भोलानाथ पटेल करीब दो साल से खरहरा गांव में रहकर यह गतिविधि चला रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और अन्य सहयोगी भी शामिल थे, जिन्हें पास्टर और नन की जिम्मेदारी दी गई थी।

पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच

देहात कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मतांतरण से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि दवा, पैसे और प्रलोभन से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर मामले में और धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।

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