अफगान तालिबान और पाकिस्तान के बीच बीते महीने से लगातार झड़पें चल रही हैं। बॉर्डर पर इस टकराव में दोनों पक्षों का जानमाल का नुकसान बड़े स्तर पर हुआ है। चीन ने अब इसमें दखल दी है।
काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लगातार हो रही सैन्य झड़पों को रोकने और तनाव करने के लिए चीन आगे आया है। चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाने की अपील की है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनिपिंग के विशेष दूत यू शियाओयोंग ने काबुल में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात की है। यू ने अफगान पाकिस्तान बॉर्डर पर हो रहे टकराव को लेकर चिंता जताई और शांति के लिए कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
अफगान विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अफगानिस्तान के लिए चीन के विशेष दूत यू शियाओयोंग ने रविवार को काबुल का दौरा किया और तालिबान सरकार में विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मुत्तकी से इलाके में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति, खासतौर से पाकिस्तान से टकराव के मुद्दे पर चर्चा की।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान बातचीत करें: चीन
चीनी दूत ने मुत्तकी के साथ बैठक में इस बात पर जोर दिया कि चीन की कोशिश अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच के मुद्दे डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाने की है। इलाके की स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ने से रोकना जरूरी है। यह जरूरी है कि दोनों पक्ष बातचीत को बंद ना करें।
यू ने कहा है कि चीनी अधिकारी काबुल और इस्लामाबाद दोनों के संपर्क में है। बीजिंग दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने में मदद के लिए एक्टिव रूप से काम कर रहा है। बयान में कहा गया है कि बीजिंग ने दोनों पड़ोसियों से यह साफतौर पर कहा है कि विवादों को डिप्लोमैटिक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान का टकराव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते बीच लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। खासतौर से बीते दो हफ्तों में बॉर्डर पर दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई है। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले भी किए हैं। अफगान तालिबान के बलों ने भी जवाबी हमले किए हैं। इससे दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चीन ने पहले भी मध्यस्थता की कोशिश की है। बीजिंग का अफगानिस्तान और पाकिस्तान, दोनों देशों में प्रबाव है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि चीन की दखल पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव को कम करा सकता है। हालांकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ओर से लगातार कड़े बयान आ रहे हैं।

