चित्रकूट, 31 अक्टूबर 2025। विज्ञान परिषद प्रयाग द्वारा राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के कुलगुरु प्रो इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी को विज्ञान के अनेक बहुउपयोगी विषयों यथा औषधि कार्य-धात्विक रसायन, पर्यावरण एवं जैव रसायन, जैव-प्रौद्योगिकी तथा विशेषत: धातु-किलेट एवं औषधि पादपो की प्रति मधुमेह सक्रियता के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य करने तथा राजभाषा हिंदी के विज्ञान के क्षेत्र में उन्नयन हेतु विशेष योगदान प्रदान करने हेतु उन्हें विज्ञान भूषण सम्मान-2025 से अलंकृत किया गया। प्रो त्रिपाठी को यह सम्मान गत दिवस राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा, पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित रसायन, जैव रसायन और भारतीय औषधिक पौधों के आयुर्वेद विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान प्रदान किया गया।
कार्यशाला के प्रमुख बिंदुओं एवं शोध निष्कर्षों को संकलित कर पुस्तकाकार प्रकाशित किया जाने, छिंदवाड़ा में विषैली कफ सिरफ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के परिप्रेक्ष्य में एलोपैथी दवाओं के स्थान पर आयुर्वेद तथा वनौषधि आधारित फार्म्यूलेशन्स की दवाओं की अनुशंसा हेतु अधिकारिक समिति का गठन करने तथा समिति की अनुशंसा को आयुष मंत्रालय को प्रेषित करना भी शमिल है।
यह संकल्प देश के विभिन्न भागों से आये वैज्ञानिकों, आयुर्वेदाचार्यों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता, विषय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यानों, तकनीकी सत्रों, क्षेत्र अध्ययन, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण, तथा समूह-चर्चाओं के उपरांत पारित किए गए। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष, यूपी पीएससी व पूर्व कुलपति कानपुर वि0वि0 व चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. कृष्ण बिहारी पांडे, अध्यक्ष भारतीय साइंस कांग्रेस समिति प्रो. अरविंद कुमार सक्सेना, डॉ. रमन मोहन सिंह निदेशक आयुष भारत सरकार मौजूद रहे ।
ज्ञातव्य हो कि देश के जैव विविधता वैज्ञानिक देशभर से आने वाले प्रतिभागी शोधार्थियों को औषधीय पौधों की पहचान, विकास , प्रसंस्करण, संभावित खतरे, संरक्षण, दीर्घकालिक संधारण, ऊतक संवर्धन एवं पौधों के गुणवत्ता नियंत्रण पर अब तक हुए शोधपरक ज्ञान को साझा कर सभी शोध प्रतिभागी पातालकोट तामिया में औषधीय पौधों का अध्ययन किया गया है।

