About

Introduction

UTTAR PRADESH JAGRAN is the world’s first Search Portal in Hindi. The portal presents information categorized into verticals and users can explore the world of Hindi Internet on a simple click. Innovative phonetic based typing in Devnaagari, removing hassles of fonts, auto-suggestions, and content classification are some of the concepts used in building UPJAGRAN in.

UTTAR PRADESH JAGRAN in is a use of technology to overcome the “digital divide” in accessing internet in Indian languages. State of the art concepts in natural language processing, information retreival, fuzzy logic, clustering, n-gram, query analysis are used to provide Hindi language speakers with a way to explore the net. The area of information technology is continuously innovating at an extremely fast pace, however being English oriented, it is increasing the “digital divide” for non-English users

Uttar Pradesh Jagran is a newportal with a 8 years standing, but it is much more than that. We take pride in defining  news for all  as ‘‘Not only a journal but a friend too’.

Uttar Pradesh jagran was launched in january 2006 from Lucknow, now capital of uttar pradesh, by veteran journalist the Arun Kumar Singh. It has traversed a long journey since then. In its golden jubilee year in 2008, उत्तर प्रदेश जागरण start a multilingual news ajency & A DSKA CHAIRITABLE TRUST Besides, the group also publishes a broadsheet Hindi daily SEARCHING EYES- from LUCKNOW; A weakly urdu literary journal – ROZGAR E SANAT, NEWS AGENCY VISHWA BHARTI SAMACHAR, as also reference books from time to time.

Vision

To uphold and propogate cherised values of democracy, socialism, secularism, social justice and human dignity, and help achieve enduring peace and harmony in the society.

Mission

  1. a) To publish daily Newspapers, News Agency,periodicals urdu news paper, books etc. not only to disseminate information, but also as tools of public education and social awareness.
  2. b) To take up programmes & set up institutions for reaching out to general public for creating better understanding about democratic values.
  3. S. P

Uttarpradesh jagran has positioned itself as a serious newspaper with the twin objectives of    providing  :-  a) space for intellectual discussions and   b)  Optimum space for  development oriented stories with a rural basis. This puts   Uttarpradesh jagran in a class of its own amongst all Hindi new portals and has brought many laurels to us.

Highlights

  1. Uttarpradesh jagran Editors & regular columnist have produced a record  500 + books  called from their published works in Uttarpradesh jagran. 
  2. Uttarpradesh jagran promoted and set up several public service Institutions&charitable trust namely st.d.s.k.a.charitable trust ,software developer &designer  and news agency.
  3. UttarPradeshJagran have more than 90000 viwers- all from A-1 readership group.
  4. UttarPradeshJagran staffers have won a record number of journalism awards

Vishwa bharti samachar ,searching eyes hindi daily &rozgar e sanat is the flagship brand of the company. In today’s dynamic media world , where consumers have an unprecedented array of choices, searching eyes hindi daily stands out as a brand that is the choice of millions of Indians as they start their day.

  1. In 2007, UttarPradeshJagran parterned with st.d.s.k.a.charitable trust and to conduct Child Reporters Tranining Programme in 16 Centres of uttar pradesh. It is now extended to 100 blocks spread over 18 Districts in the state.    

मेरे और हमारे बारे में

कौन हूं मैं? आप मुझे अरुण कुमार सिंह हैं। पत्रकारिता में मेरे नाम राशि और भी कई हैं, जो इस पेशे में अपनी कलम के जौहर दिखा रहे हैं, मगर मैं इनमें आपके लिए अनजान हूं और अभी भी पत्रकारिता में खड़े होने और कलम पकड़ने की तमीज़ सीख रहा हूं।
मेरे लिए यह कहना बहुत ही कठिन और चुनौती भरा है कि मैं आपको अपने परिचय में पत्रकारिता के कुछ मनीषियों की संगत में रहने की खुशी और हिंदी पत्रकारिता में करीब पच्चीस वर्ष के अनवरत संघर्ष के अलावा और क्‍या बताऊं? मेरे नाम तमगे या कोई उपलब्धी नहीं है, जिसका मै आपके सामने बखान करुं। कुछ हिंदी समाचार पत्रों और कुछ समय दूरदर्शन के लिए काम किया और फिर प्रिंट मीडिया में लौट आया। 14 जनवरी 2007को UPJAGRANडॉट कॉम का उदय हुआ, तबसे UPJAGRANडॉट कॉम ऑनलाइन हिंदी समाचार पोर्टल के साथ मैं आपके सामने उपस्‍थित हूं।
आपको मेरी कुछ लाइनों पर ही संतोष करना होगा, कि मैं एक ग्रामीण परिवेश में पला-बढ़ा हूं और सौभाग्‍से उत्तर प्रदेश के  ऋषि मुनियों की तपोभूमि, यशस्वी एवं पत्रकारिता क्षेत्र के दिग्गजों की जन्म-भूमि कहे जाने वाले जनपद  जौनपुर जिसे शिराजे हिन्द भी कहा गया ,की धरती पर मुझे, इस खूबसूरत संसार को देखने और पत्रकारिता के महानतम पेशे को अपनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुग़ल काल में भी लोग तालीम लेने जौनपुर आया करते थे नैतिक मूल्‍यों, कड़े अनुशासन और अत्‍यंत सादे जीवन के साथ एक इमानदार अधिकारी रहे मेरे पिताश्री स्व. राजनाथ सिंह का पुत्र होने में मैं अपने को धन्य समझता हूं, हालांकि उनके नैतिक मूल्यों के आगे तो मैं कुछ भी नहीं हूं।पिता की इच्छा अनुसार मैंने कंपनी सेक्रेटरी की पढाई की परन्तु पत्रकारिता एवोम समाज सेवा  की ओर मेरा झुकाव जानकर शुरूआती समय में पिताश्री मेरे भविष्‍के प्रति काफी चिंतित रहे, मेरा मन शुरू से ही पत्रकारिता के साथ था, सो उन्‍होंने मेरा मार्ग रोका नहीं और मुझे मेरे कर्तव्य-पथ पर चलने दिया। पत्रकारिता की अहमीयत और इसके बेहद रोमांचित करने वाले जोखिम, मुझे निर्भीकता से चलते रहने की प्रेरणा देते आए हैं-एक देश, एक समाज और एक पेशे में ईमानदारी से अपना काम करते जाने के लिए। मै खुश हूं कि मेरा शौक मेरा पेशा बना।
UTTAR PRADESH JAGRAN .COM, देश-दुनिया के समाचारों, विश्लेषणों और विचारों का ऑनलाइन हिंदी समाचार पोर्टल है। इसको लाने का उद्देश्‍हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार करना तो है ही, साथ ही उस पत्रकारिता को प्रोत्‍साहन देना है, जिसकी हर व्यक्ति  मीडिया जगत से आशा करता है। UTTARPRADESHJAGRAN .COM/ को हिंदी में प्रसारित करके मुझे अपनी मातृ भाषा हिंदी के विकास के क्रम में जो भी कुछ करने का अवसर मिला है, वह मेरे लिए एक शानदार उत्तरदान है।
सभी भाषा-भाषियों के प्रति भी हृदय से सम्मान प्रकट करते हुए UTTAR PRADESH JAGRAN .COM को मैं अपनी ‌हिंदी भाषा पर सहर्ष न्‍योछावर करता हूं। आपसे भी आग्रह करता हूं कि आप अन्य भाषाओं के साथ इसका भी मान बढ़ाइए और हिंदी को दुनिया में फलते-फूलते देखकर इस पर गर्व कीजिए!

 

 

 


 

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